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कहीं जीत की खुशी, कहीं घर वापसी के लिए संघर्ष; राजस्थान में कोरोना से हारने वाले की अस्थियां भी गंदगी में दफनाई https://ift.tt/2ZmzuHq

कोरोनाकाल में लॉकडाउन के बीच मजदूरों का पलायन जारी है। वहीं, कोरोना को हराने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कोरोना को मात देने वालों के चेहरे पर जहां जीत की खुशी है वहीं, इससे हारने वालों को अपनों के कांधे तक नसीब नहीं हो रहे हैं। राजस्थान के पाली में तो एक संक्रमित के साथ इससे भी बुरा सुलूक हुआ। मौत के बाद मृतक का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाहगृह में किया गया। इसके बाद उसकी अस्थियां एक प्रदूषित नदी की गंदगी में जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दी गईं।


शाम को शिफ्ट हुए मरीजों पर की गई फूलों की वर्षा चंडीगढ़

पीजीआई ने बुधवार को न्यू डिस्चार्ज पॉलिसी के तहत 44 कोरोना पॉजिटिव पेशेंट जिनमें कोई लक्षण नहीं थे, उन्हें सेक्टर-22 स्थित सूद धर्मशाला में शिफ्ट कर दिया। कोविड सेंटर से जाने वालों में 6 महीने की बच्ची कायरा भी शामिल थी। जाते वक्त डॉक्टर ने कुछ इस तरह अलविदा किया।

आंखों में घर जाने सुकून

रायपुर श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में हर दिन बड़ी संख्या में मजदूर अपने राज्य के लिए रवाना हो रहे हैं। रायपुर रेलवे स्टेशन पर मजदूरों को खाना और पानी दिया जा रहा है। मजदूरों के चेहरे पर थकान तो है, लेकिन एक सुकून भी है कि वे जल्द ही अब अपने घर पहुंच जाएंगे। तस्वीर रायपुर रेलवे स्टेशन की है। हालांकि इसमें भी ऐहतियात बरती जा रही है। दूर से पानी दिया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा न हो। मजदूर भी सावधानी बरत रहे हैं।

तपती धूप में बेटी केपांव न जलें...

ट्रेन से मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जा रही महिला रानी की 5 साल की बच्ची दीक्षा की चप्पल जींद से रोहतक के लिए बस में बैठते समय टूट गईं। रोहतक रेलवे स्टेशन पर जब लाइन में लगना पड़ा तो बच्ची के पांव धूप में जलने लगे तो मां रानी ने अपनी चप्पल निकालकर बेटी को पहना दी, खुद धूप में नंगे पांव चलकर स्टेशन के अंदर ट्रेन में गई। उस वक्त दिन का तापमान करीब 40 डिग्री था। फोटो | सुमित कुमार

लॉकडाउन में बुलेट पर आई दुल्हन

लॉकडाउन में लोग बिना बैंड-बाजे सादगी से शादी कर रहे हैं। ऐसी ही शादी पटियाला के जुझार नगर के अविनाश की हुई। बिना बैंड-बाजे के अविनाश अपने साथ पांच करीबी लोगों के साथ बरात लेकर बडूंगर पहुंचा। वहां अमनदीप कौर के साथ गुरुद्वारा में आनंद कारज हुए। फिर वह बुलट से पत्नी के साथ बारात लेकर लाैटा। शादी में दोनों पक्षों के 12 ही लोग शामिल हुए। फोटो-अजय शर्मा

ध्यान दें... क्रॉस वाली सीट पर न बैठें, डिस्टेंस बनाएं

तस्वीर बटाला की है। करीब दो महीने बाद कर्फ्यू के कारण पंजाब में बंद सार्वजनिक बस सेवा बुधवार से 80 रूटों पर सुरक्षा के पूरे मापदंडों के साथ शुरू हो गईं। पंजाब रोडवेज और पेप्सू सड़क परिवहन निगम (पीआरटीसी) की बसें कंटेनमेंट जोन को छोड़ कर चुनिंदा रूटों पर चलाई गईं। जहां बस स्टैंड पर डॉक्टरों की पूरी जांच हुई वहीं, 50% सवारी सुनिश्चित बनाने के लिए खाली रखी जाने वाली सीटों पर क्रॉस के निशान लगाए गए।
यह मौत डरावनी है

पाली कीबांडी नदी में एक स्थान पर जमा गंदगी के बीच जेसीबी से गड्‌ढा खोदकर कोरोना पॉजिटिव मृतक की अस्थियां दफनाता नगर परिषद का कर्मचारी। भास्कर के पास इस स्टिंग के वीडियाे अाैर फाेटाे माैजूद हैं।
जुगाड़ के भरोसे परिवार

पंजाब के जांलधर के पास से यूपी के शहजहांपुर जाने के लिए परिवार बाइक से बनाई रेहड़ी वाहन पर निकल पड़ा। मंगलवार सुबह 4 बजे चलकर परिवार बुधवार दाेपहर कैंट पुल के पास पहुंचा था।

पंजाब में लगी अन्नलोडिंग की कतार...

कोरोना के चलते ज्यादातर मजदूर अपने राज्यों के लौट गए हैं। इसका असर एफसीआई के गोदामों में हो रही लोडिंग-अनलोडिंग पर भी पड़ रहा है। पलायन से यहां मजदूरों की भी भारी कमी है। पठानकोट में नई सब्जी मंडी के पास एफसीआई के गोदाम हैं। यहां राज्य भर की दाना मंडियों से धान व गेहूं लाया जाता है। इस समय ट्रकों से मंडियों से गेहूं लाई जा रही है, पर गोदामों में मजदूरों की कमी के चलते अनलोडिंग काफी धीमी चल रही है। इससे गेहूं लेकर आए ट्रकों से 100 फुटी रोड पर जाम लग गया।

जिन्हें टिकट नहीं मिला वो भी बिना स्क्रीनिंग के ही ट्रेनों में चढ़ रहे

बाउंड्री कूदते श्रमिकनीलगिरी के पास श्रमिक छह से सात फीट ऊंची बाउंड्री कूदकर रेलवे ट्रैक पर आ जाते हैं और धीमी गति से चल रही ट्रेनों में चढ़ जाते हैं।

शराब की दुकानें पर सन्नटा पसरा रहा

रांची में 57 दिन बाद शराब की दुकानें खुलीं। लेकिन इन दुकानों में सुबह से लेकर शाम तक सन्नटा पसरा रहा। हालांकि अनुमान था कि इतने दिनों बाद जब दुकानें खुलेंगी, तो यहां भी अन्य शहरों की तरह भीड़ उमड़ेगी। इसे देखते हुए सभी दुकानों के बाहर पुलिस बलों की तैनाती की गई थी, लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा।






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चंडीगढ़ पीजीआई ने बुधवार को न्यू डिस्चार्ज पॉलिसी के तहत 44 कोरोना पॉजिटिव पेशेंट, जिनमें कोई लक्षण नहीं थे, उन्हें सेक्टर-22 स्थित सूद धर्मशाला में शिफ्ट कर दिया।


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