हर दिन मरीजों को बचाने का हौंसला जुटाती हैं, लेकिन घर आकर अपनों का दर्द नहीं बांट पातीं https://ift.tt/3ijTWQr
आज भारत में डॉक्टर्स डे मनाया जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानी और बंगाल के सीएम रहे भारत रत्न डॉ. बिधानचंद्र रॉय की याद में मनाया जाने वाला यह दिन इस बार विशेष भी है। आज का दिन दिन-रात जुटे उन डॉक्टर्स को सलाम करने का है जिनके लिए कोरोनावायरस को हराना ही एकमात्र लक्ष्य है। दुनिया के हर देश में पहुंचे कोरोना से लड़ने के लिए इन फ्रंटलाइन डॉक्टर्स की हजारों कहानियां है। त्याग, समर्पण और संघर्ष की इन कहानियों में ही जिंदगी की उम्मीदे जगमगा रही हैं क्योंकि इस 2020 के डॉक्टर्स डे पर ऐसा लगता है कि हमारा हर दिन डॉक्टर्स की मेहरबानी पर है। आज इस दिन के मौके परफोटो में देखते हैं फिलीपींस के दो डॉक्टर की कहानी जो बताती है कि हालात कितने मुश्किल हैं और डॉक्टर कितनी हिम्मत के साथ डटे हैं। ( सभी फोटो रायटर्सएजेंसी के सौजन्य से) सबसे पहले फिलीपींस के मनीला में काम कर रही डॉ जेन क्लेरी डोराडो की कहानी। यहां की राजधानी मनीला के ईस्ट एवेन्यू मेडिकल सेंटर हॉस्पिटल में कोविड-19 के इमरजेंसी रूम में काम की जिम्मेदारी लेने वाली इस डॉक्टर की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। जब उन्होंने काम शुरू किया तो सबसे पहले...