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हर 6 माह के बीच तापमान में 54 डिग्री का अंतर झेलता है चूरू, यहां लोगों ने खुद को ऐसे ढाला कि ज्यादा बीमार नहीं होते https://ift.tt/3cIk6bk

राजस्थान केचूरू में कुछ दिन पहले तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, तो उसकी गिनती दुनिया में सबसे गर्म शहरों में होने लगी। लेकिन यहां ठंड भी उतनी ही तीखी पड़ती है। पारा माइनस 4 डिग्री तक चला जाता है। सिर्फ 6 महीनों के बीच चूरू निवासी तापमान में 54 डिग्री का अंतर झेलते हैं, फिर भी उनकी सेहत पर इसका असर नहीं पड़ता। इसकी वजह यह है कि यहां के लोगों ने रोजमर्रा की जिंदगी को घटते-बढ़ते तापमान के साथ ढाल लिया है। मौसम के साथ सोने-उठने, बाहर निकलने के समय से लेकर कपड़े तक बदल जाते हैं।

बावजूद इसके यहां मौसम की वजह से किसी की सेहत खराब नहीं हुई। 50 डिग्री की भयानक गर्मी के बाद भी चूरू के जिला अस्पताल में लू औरउल्टी-दस्त के औसतन 10 मरीज पहुंचते हैं। राजकीय डीबी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरिफ बताते हैं कि चूरू में भीषण गर्मी के दौरान भी हार्टअटैक, लकवा जैसे मामले अमूमन नहीं होते। यहां के लोगों का शरीर मौसम के अनुकूल ढल जाता है। रोजाना आने वाले मरीजों में हल्की लू, उल्टी-दस्त के होते हैं, पर वे गंभीर नहीं होते। गलत खान-पान या एसी-कूलर में रहने वाले लोग ज्यादा होते हैं।

गर्मी में सिर्फ 8 घंटे ही बाजार खुलते हैं
शहरों में गर्मी के दिनों में सुबह 7 बजे तक बाजार खुलने शुरू हो जाते हैं। 12 बजे तक खरीदारी का दौर रहता है। दोपहर में 12 से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू जैसे हालात रहते हैं। शाम 6 बजे बाद ही लोग निकलते है। अधिकतर दुकानें रात 10 बजे तक खुली रहती हैं। गांवों में भी यही स्थिति है। सर्दी में दुकानें 10 बजे बाद ही खुलती हैं। शाम 7 बजे के बाद बाजार बंद हो जाते हैं। लोग रात 8 बजे तक तो घरों में वापस चले जाते हैं।

गर्मी में राबड़ी, छाछ और सर्दियों में मेथी के लड्‌डू
गर्मियों में लगभग हर घर में राबड़ी-छाछ बनाई जाती है। रायता, कैर, सांगरी, फोफलिया, तरबूज व सौंफ की ठंडाई की डिमांड गर्मियों में ज्यादा रहती है। यह शरीर का तापमान कंट्रोल करने व पानी की कमी पूरा करने में मददगार होते हैं। सर्दी में बाजरे की रोटी, मूंगफली, खजूर, गुड़, तिल व सरसों के तेल में सब्जी बनाई जाती है। ग्वारपाठे की सब्जी, सोंठ, गोंद के अलावा मेथी के लड्डू हर घर में खाए जाते हैं।



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चूरू में गर्मी के मौसम में लोग गीली टाट को खिड़की पर लगाते हैं ताकि घर में ठंडी हवा आए।


from Dainik Bhaskar /local/rajasthan/sikar/churu/news/churu-faces-a-difference-of-54-degrees-in-temperature-between-6-months-people-molded-themselves-so-that-they-do-not-get-very-sick-127382281.html

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