अनलॉक के बाद भी मशहूर हैप्पी स्ट्रीट की दुकानों पर पाबंदी जारी, 100 से ज्यादा लोगों की जीविका पर संकट, सरकार से गाइडलाइन जारी करने की मांग https://ift.tt/398wiCj
अहमदाबाद खाने-पीने वालों के लिए एक फेवरेट शहर है। यहां के लजीज स्ट्रीट फूड्स दुनियाभर में फेमस हैं।अहमदाबाद के लो-गार्डन इलाके में इसी साल फरवरी में हैप्पी स्ट्रीट की शुरुआत हुई। अभी लोग यहां के जायकों का लुफ्त उठाते उससे पहले ही कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया और हैप्पी स्ट्रीट को बंद करना पड़ा।
लॉकडाउन के बाद अनलॉक 1 की शुरुआत हुई तो थोड़ी उम्मीद जगी कियहां के जायकों की महक लौटेगी लेकिन अभी तक रौनक नहीं लौटी है। कोरोना संक्रमण और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर यहां के बाजार अभी भी नहीं खुल सके हैं, पाबंदी जारी है।इसका असर यहां के कारोबारियों व दुकानदारों पर पड़ा है। उनका काफी नुकसान हुआ है।
31बड़ीऔरतीन प्रकार की11छोटी फूड वैन
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की तरफ से शुरू की गईहैप्पी स्ट्रीट में31 बड़ी दुकानें और तीन तरह की 11 छोटी दुकानों की फूड वैन हैं।एक फूड वैन के सामने 24लोगों के बैठने की जगह होती है। उसके सामनेपार्किंग बनाया गया है।पूरी स्ट्रीट केलूक को हेरिटेजके रूप में दिया गया है।
गाइडलाइन जारी होने केबाद विचार करेंगे
हैप्पी स्ट्रीट ओपन करने को लेकरस्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन अमुल भट्ट ने दैनिक भास्कर को बताया कि सार्वजनिक स्थलों को खोलने को लेकर केंद्र सरकार ने कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। इसलिए अभी हैप्पी स्ट्रीट बंद रहेगा और खाने-पीने की दुकानें नहीं खुल पाएंगी। गाइडलाइन जारी होने के बाद ही कुछ निर्णय लिया जा सकेगा।
स्ट्रीट फ़ूड स्टॉल शुरू करने के लिए ब्लॉगर्स ने मांगी अनुमति
फूड ब्लॉगर अभिनिषा जुबिन आशरा ने दैनिकभास्कर से कहा किसरकार को स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दुकानें खोलने की अनुमति देनी चाहिए। फूड स्टॉल खोलने की छूट मिलनी चाहिए। इसके साथ ही रेस्त्रां वालों को भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनके खाने की क्वालिटी बनी रहे, स्वाद बना रहे, तो ही लोग फूड ऑर्डर कर पाएंगे।
रेस्त्रां मालिकों कोहाइजीन फ़ूड और कोरोना से बचने के उपाय के साथ ग्राहकों का विश्वास जीतना होगा।जो ग्राहकों का विश्वास जीतेगा, वही इस कोरोना के दौर में अच्छीकमाई कर सकेगा। अभीलोगो नेफ़ूड की होम डिलीवरी लेने की शुरुआतकर दी हैऔर अगस्त तक होटल्सभी खोली जा सकते हैं,ऐसीउम्मीद की जा रही है।
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