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राजस्थान हाईकोर्ट आज दे सकती है फैसला; स्पीकर द्वारा विधायकों को भेजे गए नोटिस पर 21 जुलाई तक नहीं होगी कार्रवाई https://ift.tt/3fLgO9w

राजस्थान में सियासी घमासान के बीच सोमवार को हाईकोर्ट मेंसचिन पायलट गुट द्वारा विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ एक बार फिर सुनवाई होगी। कोर्ट की डिवीजनल बैंच द्वारा इस मामले की सुनवाई की जाएगी। चीफ जस्टिस इंद्रजीत महंती और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही है।

इसमें आज फैसला होने की उम्मीद है।वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ताओं की आपसी सहमति के आधार पर 19 विधायकों को दिए गए नोटिस पर सुनवाई 21 जुलाई तक स्थगित कर दी गई है। कोर्ट केइस आदेश के बाद विधानसभा अध्यक्ष द्वारा पायलट गुट के विधायकों को नोटिस का जवाब देने के लिए 21 जुलाई शाम 5.30 बजे तक का वक्त दिया गया है।

इससे पहले शुक्रवार को हुई सुनवाई में पायलट गुट के कांग्रेस विधायकों की ओर से हरीश साल्वे ने कहा था-विधानसभा के बाहर किसी भी गतिविधि को दलबदल विरोधी अधिनियम का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। इस मामले में सचिन पायलट के वकील मुकुल रोहतगी हैं और राजस्थान विधानसभा के स्पीकर की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी कर रहे हैं।

इन विधायकों को नोटिस दिया गया

सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पीआर मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत।

हाईकोर्ट में रहेगी सख्ती
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट परिसर व कोर्ट कक्ष में सोमवार को भी तीन दिन पहले हुई सुनवाई की तरह ही सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। इसमें केस से नहीं जुड़े वकीलों को भी बाहर कर दिया गया है। कोर्ट परिसर में आने वाले वकीलों से भी आई कार्ड मांगे जाएंगे। मीडियाकर्मियों को भी कोर्ट के मुख्य गेट पर ही रोक दिया जाएगा।

हाईकोर्ट में एक दिन की पैरवी 1.75 करोड़ की

सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को दिए अयोग्यता नोटिस केस में देश के दिग्गज सीनियर एडवोकेट पायलट गुट के एमएलए और स्पीकर की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। जानकारों की मानें तोशुक्रवार को हुई सुनवाई में की गई पैरवी की फीस ही करोड़ों में होगी।

हरीश साल्वे, मुकुल रोहतगी व अभिषेक सिंघवी जैसे सीनियर एडवोकेट एक दिन की पैरवी के लिए ही 40 से 50 लाख रु. फीस लेते हैं। राज्य के एजी एमएस सिंघवी भी स्पेशल केस में 11 से 15 लाख फीस लेते हैं। ऐसे में सचिन पायलट गुट व स्पीकर की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट द्वारा केसों में ली जाने वाली कुल फीस की बात करें तो इन सभी एडवोकेट की कुल फीस करीब 1.75 करोड़ रुपए बैठती है।

अभिषेक मनु सिंघवी: विधानसभा स्पीकर की ओर से मुख्य तौर पर सीनियर एडवोकेट व कांग्रेस का चर्चित चेहरा अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी कर रहे हैं। अभिषेक मनु सिंघवी ने ही अंबानी बंधुओं के बीच रहे विवाद में मुकेश अंबानी की ओर से पैरवी की थी। वे वोडाफोन के टैक्स संबंधी केसों में पैरवी करने के लिए भी चर्चा में रहे हैं। सिंघवी भी किसी केस में एक दिन की पैरवी के लिए करीब 50 लाख रुपए तक लेते हैं।

हरीश साल्वे: इस केस में सचिन पायलट गुट की ओर से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे लंदन से पैरवी कर रहे हैं। साल्वे देश के पूर्व सॉलिसीटर जनरल रह चुके हैं और उन्होंने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव मामले में भारत की ओर से इंटरनेशनल कोर्ट में पक्ष रखा था। कानूनी जानकारों के अनुसार साल्वे हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में एक दिन की पैरवी के लिए करीब 50 लाख रुपए तक लेते हैं। हिट एंड रन केस में फिल्म एक्टर सलमान खान को बचाने वाले एडवोकेट साल्वे ही थे।

गहलोत गुट के लिखाफ कोरोना नियमों के उल्लंघन की याचिका दायर
गहलोत गुट के 104 विधायकों के खिलाफ एक याचिका मजिस्ट्रेट के सामने पेश की गई है। जो सियासी घमासान या वायरल ऑडियो टेप से संबंधित नहीं है, बल्कि कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने के लिए दर्ज की गई है। इस याचिका में सभी 104 विधायकों के साथ कोरोना के नियम लागू कराने के जिम्मेदार सभी अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज करवाया गया है। एडवोकेट ओम प्रकाश द्वारा ये याचिका दी गई है।



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सचिन पायलट और उनके समर्थकों को विधानसभा स्पीकर ने नोटिस भेजा था। पायलट समेत 19 विधायकों ने नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। -फाइल फोटो


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