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30% खिलाड़ियों ने कहा कि वे सोशल मीडिया पर ट्रोल हुईं, 53% ने माना कि उन्हें क्लब-गवर्निंग बाॅडी से फंड नहीं मिलता https://ift.tt/31xAeJ6

ब्रिटेन की एलीट महिला खिलाड़ियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें कई बार अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। 30% खिलाड़ियों ने माना कि वे सोशल मीडिया पर ट्रोल हुईं। उन्हें सेक्सिज्म का शिकार होना पड़ा है। यह सब निष्कर्ष बीबीसी के महिला खिलाड़ियों पर हुए सर्वे में निकला है।

यह सर्वे 39 खेलों की 1068 खिलाड़ियों के बीच हुआ, जिसमें से 537 ने जवाब दिए। 160 खिलाड़ियों ने कहा कि वे कभी ना कभी ट्रोलिंग का शिकार हुई हैं। यह पिछले सर्वे की तुलना में तीन गुना ज्यादा है।

पुरुष खिलाड़ियों के समान सपोर्ट नहीं मिलता लेकिन 22% ने माना पुरुषों के बराबर 100% फंडिंग मिलती है

  • 53.3% ने कहा कि उन्हें क्लब या गवर्निंग बाॅडी से फंड नहीं मिलता है। 21.9% ने कहा कि उन्हें 100 फीसदी फंडिंग होती है।
  • 48.5% ने माना कि उन्हें गवर्निंग बाॅडी से पुरुषों के समान सपोर्ट नहीं मिलता। 45.3% ने कहा समान व्यवहार होता है।
  • 84% को लगता है कि उन्हें प्रतिभा के अनुसार पर्याप्त भुगतान नहीं किया जाता और न ही उस हिसाब से प्राइज मनी दी जाती है।
  • 36% महिलाओं ने कहा कि मां बनने के बाद कमबैक करने के लिए उन्हें क्लब या एसोसिएशन से सपोर्ट नहीं मिलेगा।

खिलाड़ियों ने मीडिया कवरेज पर सवाल उठाए

  • 85% ने माना मीडिया महिला स्पोर्ट्स को प्रमोट नहीं करता।
  • 93% ने कहा कि 5 साल में महिला स्पोर्ट्स के 5 कवरेज में सुधार नहीं हुआ है।
  • 86% ने माना कि मीडिया पुरुष-महिला स्पोर्ट्स की अलग-अलग कवरेज रिपोर्ट करता है।

35% खिलाड़ी देरी से फैमिली स्टार्ट करती हैं

  • 60% को लगता है कि पीरियड्स के कारण प्रदर्शन प्रभावित होता है। पीरियड्स के कारण उन्होंने प्रैक्टिस और टूर्नामेंट छोड़ दिए।
  • 40% महिला खिलाड़ी कोच से पीरियड्स को लेकर चर्चा करने में कंफर्टेबल महसूस नहीं करतीं।

65% ने खेल में सेक्सिज्म अनुभव किया है लेकिन सिर्फ 10% ने रिपोर्ट किया

  • 20% को खेल में रेसिज्म का सामना करना पड़ा जबकि 77% को कभी नहीं।
  • 78% अपनी बॉडी इमेज को लेकर कॉन्शियस हैं, 20% काे ऐसा नहीं लगता।
  • 21% को लगता है कि कोरोना के बाद उन्हें खेल छोड़ना पड़ सकता है।


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53.3% खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें क्लब या गवर्निंग बाॅडी से फंड नहीं मिलता है। 21.9% ने कहा कि उन्हें 100 फीसदी फंडिंग होती है।


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