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जन्मभूमि जाने वाले हर मेहमान का कोरोना टेस्ट होगा, स्थानीय लोगों के घरों में अगले दो दिन तक मेहमानों के आने पर रोक https://ift.tt/30pXt8O

भगवान राम की नगरी अयोध्या सज गई है। आज भूमिपूजन का कार्यक्रम है, जिसमें शामिल होने के लिए पीएम मोदी आ रहे हैं। इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल होंगे। इसको लेकर तैयारियां पूरी की जा चुकी है। इससे पहले मंगलवार को नया घाट राम की पैड़ी पर मंगलवार को दीपोत्सव मनाया गया। यहां 3,51,000 दीये जलाए गए। प्रधानमंत्री बुधवार को 12:30 बजे भूमि पूजन करेंगे। यह कार्यक्रम करीब 10 मिनट तक चलेगा।

कारसेवकपुरम : 15 सौ लोगों के लिए बनेगा भोजन

भूमिपूजन को लेकर कारसेवकपुरम के पास सुरक्षा व्यवस्था चौकस है। गेट पर पुलिस की तैनाती है।

विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय कारसेवकपुरम से जन्मभूमि के बीच सरकारी अमला भाग- दौड़ में लगा हुआ है। कारसेवकपुरम के गेट पर 4 से 5 पुलिसवाले बैठे हैं। वायरलेस पर वीआईपी मूवमेंट की खबर लगातार आ रही है। गेट से गाड़ियां अंदर जा रही हैं। भीतर गले मे विहिप की ओर से जारी कार्ड लटकाए स्वयंसेवक किसी इवेंट मैनेजमेंट टीम की तरह मुस्तैद हैं। मेहमानों को कोई दिक्कत न हो उसको लेकर एक हेल्प डेस्क बनाई गई है।

जन्मभूमि के भूमिपूजन के लिए जिन मेहमानों को बुलाया गया हैं, उनके साथ एक-एक स्वयंसेवक को तैनात किया गया है। कार्यालय में जो भी नेताओं और पदाधिकारियों से मिलने आ रहा है, उनका नाम और मोबाइल नम्बर भी नोट किया जा रहा है। काशी से आए वीरेंद्र खुद को विहिप का नेता बताते हैं। वे इसलिए अयोध्या आए हैं कि उन्हें भी जन्मभूमि में जाने के लिए पास मिल जाए। लेकिन नेताओं से मिलने के बाद उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। वीरेंद्र अकेले नहीं हैं, उनके जैसे 500 से ज्यादा लोग पास की उम्मीद से आए हैं, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया है।

राजकुमार भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अलीगढ़ से पैदल आए हैं।

रामकुमार हाथ मे राम नाम का झंडा लिए अलीगढ़ से 9 दिन पहले पैदल चले थे, मंगलवार को ही वो अयोध्या पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ में ही वो धनिधर सरोवर है, जहां मान्यता के मुताबिक ताड़का वध हुआ था। वे कहते हैं कि मैंने प्रण लिया था कि जब राममंदिर की आधारशिला रखी जाएगी तब वह जहां भी होंगे वहां से वह पैदल अयोध्या आएंगे और रामलला के दर्शन कर वापस होंगे।

रामकुमार को रुकने के लिए कहीं और व्यवस्था करनी होगी क्योंकि कारसेवकपुरम में पहले ही कई लोग आकर ठहरे हैं। रामकुमार की तरह आने वाले कई लोगो के लिए कारसेवकपुरम में भोजन की व्यवस्था तो है, लेकिन ठहरने की नहीं। यहां 3 अगस्त को 300 लोगों का खाना बना था, 4 अगस्त को 800 के लिए बना और 5 अगस्त को 1500 लोगों का भोजन बनेगा।
मानस भवन : जन्मभूमि जाने वाले हर मेहमान का कोरोना टेस्ट होगा

बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए यहां ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

कारसेवकपुरम से लगभग 200 मीटर दूर और जहांं पत्थर तराशे जा रहे हैं, उस कार्यशाला के पीछे है मानस भवन। यहां बड़ा गेट बंद कर सिर्फ छोटा गेट खोला गया है। जन्मभूमि जाने वाले मेहमान यहीं रुके हैं। अंदर जाते ही बड़ा सा हॉल है। भगवा कुर्ता और पीले कुर्ते में स्वयंसेवक अनजान लोगों को रोक रहे हैं। अंदर कुछ लोग कौन किस कमरे में रुकेगा, इसकी व्यवस्था कर रहे हैं। मीडिया के प्रवेश पर फिलहाल रोक है।

जानकारी के मुताबिक, जब तक मेहमान पूजा में शामिल नहीं हो जाते, तब तक उन्हें किसी से नहीं मिलना है। एक सज्जन मुस्कुराकर कहते हैं कि कोरोना का डर है। बताया गया कि यहां 40 कमरे हैं। एक संत के साथ उनका एक सेवक भी है। बाकी विहिप के 14 कार्यकर्ता को-ऑर्डिनेशन के लिए लगाए गए हैं। यहीं पर उनके भोजन की व्यवस्था भी की गई है। इसी तरह वैदेही भवन, जैन मंदिर में भी मेहमानों के रुकने की व्यवस्था की गई है।

भूमिपूजन को लेकर कार्यशाला को पूरी तरह सजाया गया है। अंदर भजन-कीर्तन का प्रोग्राम है।

बगल में ही कार्यशाला है। इसे भी खास तौर पर सजाया गया है। गेट पर फूलों और झालरों की सजावट है और गेट के अगल-बगल दो हाथी खड़े किए गए हैं। अंदर मंदिर में कीर्तन चल रहा है और जन्मभूमि का लाइव प्रसारण देखने के लिए बड़ी-सी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है। कई टेलीविजन जर्नलिस्ट अपनी लाइव रिपोर्टिंग यहीं से कर रहे हैं।

हनुमानगढ़ी : 15 साल में पहली बार हटाई गई हनुमानगढ़ी पर लगी बैरिकेडिंग, दुकानदार बोले पहली बार ऐसा इंतजाम देखा

तस्वीर हनुमान गढ़ी मंदिर के पास लगे बैरिकेडिंग वाली जगह की है। आज के कार्यक्रम के चलते इसे हटा दिया गया है।

हनुमानगढ़ी पर लगी बैरिकेडिंग को 15 साल बाद हटाया गया है। बगल में कपड़े की दुकान में बैठे रौशन कहते है कि जब अयोध्या में ब्लास्ट हुआ था तब सुरक्षा के लिए यह बैरिकेडिंग लगाई थी। अयोध्या कवरेज पर आने वाले टीवी पत्रकारों के लिए फेवरेट प्लेस माना जाता रहा है। पहले जैसे ही कैमरा ऑन होता था। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी कैप वगैरह लगाकर मुस्तैद हो जाया करते थे लेकिन आज वह छांव में किनारे बैठे है। पूछने पर कहते है कि कल कार्यक्रम खत्म होने के बाद बैरिकेडिंग फिर लग जाएगी।

पीएम मोदी अयोध्या आने के बाद हनुमान गढ़ी मंदिर भी भगवान के दर्शन के लिए जाएंगे।

हनुमानगढ़ी मंदिर की ओर जाने वाली सड़क से मंदिर के बीच 100 मीटर के रास्ते में पड़ने वाली दुकानों को भी रंगा गया है। मंदिर के सामने भीड़ न के बराबर है। पीएम मोदी भी जन्मभूमि जाने से पहले हनुमान जी का दर्शन करेंगे। प्रसाद की दुकान चलाने वाले बृजमोहन कहते है कि रामनगरी के लोगों को पुलिसिया सख्ती की आदत पड़ चुकी है, लेकिन ऐसा इंतजाम पहली बार देख रहा हूं।

कंठी माला बेचने वाले शंभूदयाल कहते हैं कि हमें 5 अगस्त को जब तक पीएम चले न जाएं तब तक दुकानें खोलने से मना किया गया है। वे कहते हैं कि सामने से पीएम को नहीं देखने का दुख जरूर है लेकिन रामलला का मंदिर बन रहा है यह सबसे बड़ी बात है।
टेढ़ी बाजार मोहल्ला : शाम 4 बजे तक घर लौट आएं अयोध्या के लोग, मेहमानों को बुलाने पर लगी रोक
सड़क पर लगी बैरिकेडिंग के पास पेड़ के नीचे मोहल्ले के कुछ लोग बैठ कर भूमिपूजन के बारे में बात कर रहे हैं। राकेश कहते हैं कि मैं ड्राइवर हूं, प्राइवेट गाड़ी चलाता हूं। अभी सोमवार को सवारी लेकर गोरखपुर गया था। लौटा तो पता चला कि पुलिस ने कहा है कि अब कोई अयोध्या के बाहर जाएगा तो घर नहीं लौटेगा, अब कार्यक्रम के बाद ही एंट्री होगी।

इसी जगह पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर लैंड करेगा। पीएम मोदी करीब 3 घंटे अयोध्या रहेंगे।

राकेश के साथ बैठे रामजी कहते हैं कि पड़ोस के गांव में रहने वाले उनके रिश्तेदार अयोध्या आना चाहते थे, इतनी रौनक जो लगी है। कई मेहमान फोन कर आने के लिए बोल रहे थे। लेकिन, हमने मना कर दिया है। पीएम का स्वागत कैसे करेंगे ? इस सवाल के जवाब में वे कहते हैं कि हम लोग तो फूल लेकर यहां खड़ा होना चाहते हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि हमें ऐसा करने नहीं दिया जाएगा। वे कहते हैं कि मौका मिलेगा तो जरूर उन्हें जाते हुए देखेंगे।

लगभग डेढ़ किमी के रास्ते पर 4 से 5 मोहल्लेवालों को घरों में कल शाम तक कैद रहना पड़ेगा। टेढ़ी बाजार चौराहे से ही बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब के घर की ओर जाने वाला रास्ता भी है। यहां हमेशा की तरह पुलिस मुस्तैद है और बैरिकेडिंग लगी हुई है, लेकिन सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

भूमिपूजन में बुलाए मेहमानों के और अयोध्या के लोगों को आईकार्ड दिखाने के बाद ही शहर में एंट्री मिलेगी।

बाराबंकी से अयोध्या तक 4 बार चेकिंग होगी
कार्यक्रम को लेकर एसएसपी अयोध्या दीपक कुमार ने सुरक्षा सख्त कर दी है। 4 अगस्त की रात 12 बजे से सिर्फ भूमिपूजन में बुलाए मेहमानों के अलावा अयोध्या के लोगों को ही आईकार्ड दिखाकर शहर में एंट्री मिलेगी। बाराबंकी से अयोध्या की ओर आने वाली गाड़ियों की 4 जगहों पर चेकिंग हो रही है। अकेले अयोध्या में अफसर जवान मिलाकर 5 हजार फोर्स तैनात किए गए हैं।

राम जन्मभूमि के आस-पास कम उम्र के रंगरूटों को ही तैनात किया जा रहा है। ज्यादातर 45 से कम उम्र के। जबकि उनकी टुकड़ियों के साथ अनुभवी लेकिन कम उम्र के अफसर रहेंगे। शहर की सीमा में आने वाले वाहनों की डिटेल, आधार कार्ड या सरकारी आईकार्ड की डिटेल और मोबाइल नंबर भी पुलिसवाले नोट कर रहे हैं।

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1. जन्मभूमि आंदोलन की आंखों देखी / आडवाणी मंच से कारसेवकों को राम की सौगंध दिला रहे थे कि ढांचा नहीं तोड़ना, तुम लोग पीछे लौट जाओ, किसी को अंदेशा नहीं था कि ये लोग ढांचे पर चढ़ेंगे

2. अयोध्या की आंखों देखी / राम नाम धुन की गूंज के साथ मंदिर-मंदिर और घर-घर गाए जा रहे हैं बधाई गीत, 4 किमी दूर हो रहे भूमिपूजन को टीवी पर देखेंगे अयोध्या के लोग

3. राम जन्मभूमि कार्यशाला से ग्राउंड रिपोर्ट / कहानी उसकी जिसने राममंदिर के पत्थरों के लिए 30 साल दिए, कहते हैं- जब तक मंदिर नहीं बन जाता, तब तक यहां से हटेंगे नहीं

4. अयोध्या से ग्राउंड रिपोर्ट / मोदी जिस राम मूर्ति का शिलान्यास करेंगे, उस गांव में अभी जमीन का अधिग्रहण भी नहीं हुआ; लोगों ने कहा- हमें उजाड़ने से भगवान राम खुश होंगे क्या?

5. अयोध्या से ग्राउंड रिपोर्ट / जहां मुस्लिम पक्ष को जमीन मिली है, वहां धान की फसल लगी है; लोग चाहते हैं कि मस्जिद के बजाए स्कूल या अस्पताल बने



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अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास से पहले मंगलवार को करीब सवा लाख दीप जलाए गए। नदी के किनारे घाटों और मंदिरों को सजाया गया है। आज भूमिपूजन का कार्यक्रम है।


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