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कोविड-19 एक स्पीडब्रेकर से ज्यादा कुछ नहीं; फिर दौड़ेगा ट्रेवल और टूरिज्म सेक्टर; आने वाले वर्षों में घरेलू पर्यटकों की हिस्सेदारी बढ़ेगी: रिपोर्ट https://ift.tt/2G2DEgq

कोविड-19 की वजह से ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री को जोरदार झटका लगा है। अलग-अलग सर्वे, स्टडी रिपोर्ट्स दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर इसके प्रतिकूल असर की बात कर रही हैं। इसके बाद भी इंडस्ट्री के कुछ एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि कोविड-19 एक स्पीडब्रेकर है।

यूएन वर्ल्ड टूरिज्म डे से दो दिन पहले जॉब्स वेबसाइट इंडीड ने कहा कि कई यूरोपीय देशों में टूरिज्म से जुड़े जॉब्स में 25% तक की गिरावट आई है। इंडीड की रिपोर्ट के मुताबिक टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी से जुड़ी जॉब पोस्टिंग्स और सर्च में करीब 40% तक की गिरावट आई है।

यूनाइटेड नेशंस ने कहा कि टूरिज्म सेक्टर के भविष्य पर दोबारा विचार करने का वक्त आ गया है। इसमें यह भी देखना होगा कि अपने सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों के जरिए यह सेक्टर किस तरह टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में अपना योगदान दे सकता है।

वहीं, पिछले साल यानी ट्रैवल एंड टूरिज्म कॉम्पिटिटिवनेस रिपोर्ट 2019 में छह रैंकिंग की छलांग लगाकर 40वें से 34वें स्थान पर पहुंचे भारत में भी हालात बहुत अच्छे नहीं है। 2019 में इस सेक्टर ने भारत में कुल जॉब्स के 12.75% का प्रतिनिधित्व किया और 8.75 करोड़ नए जॉब्स उपलब्ध कराए। लेकिन, छह महीने के लॉकडाउन ने ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। इससे इस सेक्टर के लिए खड़े रहना मुश्किल हो रहा है।

अतुल्य भारतः स्वागत के लिए हो रहा है तैयार

  • भारत में यह सेक्टर अब धीरे-धीरे खुलने लगा है। उत्तराखंड ने पहल करते हुए टूरिज्म के लिए जाने वालों के लिए कोविड-निगेटिव सर्टिफिकेट की आवश्यकता खत्म कर दी है। उन्हें राज्य में आने से पहले सिर्फ वेब पोर्टल https://ift.tt/2SrsGUE पर रजिस्टर करना होगा।
  • अनलॉक 4.0 के तहत सितंबर से लोगों को देश में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए ई-पास की आवश्यकता खत्म कर दी गई है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर अधिक से अधिक गतिविधियों को दोबारा शुरू किया जा सकता है। इंटर-स्टेट और इंटर-डिस्ट्रिक्ट मूवमेंट पर कोई प्रतिबंध नहीं रह गया है।

भारत में 1.25 लाख करोड़ रुपए का नुकसान

  • केअर रेटिंग्स की एक स्टडी के मुताबिक, कोविड-19 इंफेक्शन और भारतीय टूरिज्म इंडस्ट्री को 1.25 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। ट्रैवल से जुड़े प्रतिबंधों और लॉकडाउन की वजह से इसका इम्पैक्ट बढ़ गया।
  • फिक्की ने जून में ट्रैवल एंड टूरिज्म रिपोर्ट जारी की। यह कहती है कि भारत में इस सेक्टर को 16.7 बिलियन डॉलर को नुकसान हुआ है। करीब पांच करोड़ नौकरियां खतरे में हैं। भारत में एविएशन सेक्टर को 11.2 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और करीब 29 लाख नौकरियां खतरे में हैं।
  • भारतीय होटल उद्योग को भी महामारी का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ और अनुमानित नुकसान 6.3 बिलियन डॉलर रहा। यह नुकसान बढ़कर 14 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसमें संगठित और असंगठित सेग्मेंट के होटल्स और एकमोडेशन शामिल हैं।
  • हालांकि, यह रिपोर्ट भविष्य के लिए बहुत ही उज्ज्वल तस्वीर पेश कर रही है। इसके मुताबिक, 2019 में डोमेस्टिक टूरिस्ट की सेग्मेंट में हिस्सेदारी 83% थी, जो 2028 तक बढ़कर करीब 89% तक पहुंच जाएगी। यानी विदेशी टूरिस्ट पर निर्भरता कम हो जाएगी।

दुनियाभर में 10 करोड़ नौकरियां खतरे में

अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट्स में पूरी दुनिया में ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री को 2.7 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। करीब 10 करोड़ नौकरियां खतरे में बताई हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक एविएशन सेक्टर को ही करीब 314 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और करीब 2.5 करोड़ नौकरियां खतरे में आ गई हैं।

इन 10 टूरिस्ट डेस्टिनेशंस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ

  1. मालदीव्सः हिंद महासागर में भारत और श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम में स्थित मालदीव्स पूरी दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करता है। मालदीव्स की जीडीपी में टूरिज्म इंडस्ट्री की हिस्सेदारी 38.92% है।
  2. ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्सः कैरेबियन सी के नौ द्वीपों का यह समूह पुअर्तो रिको से 64 किमी पूर्व में है। 19 मार्च से विदेशी पर्यटकों के आने पर पाबंदी है। यहां जीडीपी में टूरिज्म की हिस्सेदारी 32.96% है।
  3. मकाऊ: चीन के इस स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन ने चीन से नजदीकी की वजह से शुरुआत में ही कोरोना के मामले दर्ज हुए थे। यहां जीडीपी में 28.05% हिस्सेदारी टूरिज्म की है।
  4. अरुबा: यह कैरेबियन में डच आइलैंड है। यहां सिर्फ 101 कोरोना केस रिकॉर्ड हुए हैं। जून में कोई केस नहीं आया। यहां जीडीपी का 27.64% टूरिज्म से आता है।
  5. वनुआतु: यह आइलैंड प्रशांत महासागर के दक्षिण में है। 26 मार्च को सीमा ब्लॉक कर दी थी और फ्लाइट्स पर प्रतिबंध लगाए थे। आइलैंड की जीडीपी में टूरिज्म की हिस्सेदारी 18.16% है।
  6. कैप वर्डे: यह एटलांटिक ओशन का आइलैंड है। यहां जीडीपी में टूरिज्म की हिस्सेदारी 17.66% है। यहां 800 केस दर्ज हुए। 30 जून से यहां फ्लाइट्स की आवाजाही शुरू हो गई है।
  7. सेंट लुसियाः यह कैरेबियन सी का आइलैंड है। यहां 20 कोविड पॉजिटिव केस आए हैं। 4 जून से कुछ शर्तों के टूरिज्म खोला है। यहां टूरिज्म की जीडीपी में हिस्सेदारी 15.61% है।
  8. बेलिज: इस कैरेबियाई देश में जीडीपी में टूरिज्म की हिस्सेदारी 14.95% है। बेलिज में 22 कोविड पॉजिटिव केस रजिस्टर हुए। एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स के साथ ही क्रूज ट्रिप्स फिलहाल बंद है।
  9. फिजी आइलैंड्सः दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित इस देश में 20 से कम केस आए हैं। देश की सीमा 25 मार्च से बंद थी। जीडीपी में टूरिज्म की हिस्सेदारी 14.09% है।
  10. माल्टाः यह यूरोपीय देश है। यह दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक है। यहां 600 केस दर्ज हुए हैं। आइलैंड के टूरिज्म की जीडीपी में 14.08% हिस्सेदारी है।


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