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आजाद भारत में जन्म लेने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री मोदी का आज जन्मदिन; 72 साल पहले हैदराबाद का भारत में विलय हुआ था https://ift.tt/2H1P97S

चायवाले से प्रधानमंत्री पद का विलक्षण सफर तय करने वाले नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म आज ही के दिन 1950 में हुआ था। गुजरात के वडनगर में एक गरीब परिवार में वे पैदा हुए। पिता दामोदरदास मोदी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे। नरेंद्र मोदी भी बचपन में उनकी मदद करते थे।

मोदी अचानक राजनीति में नहीं आए। आठ साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़े। 1971 में संघ का पूर्णकालिक कार्यकर्ता बनने के बाद उनकी राजनीतिक शिक्षा-दीक्षा शुरू हुई। 1975 में आपातकाल के दौरान छिपकर वक्त गुजारना पड़ा। 1985 में भाजपा में संगठन का काम मिला।

गुजरात के भुज में आए भूकंप के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं, तब 2001 में मोदी को मुख्यमंत्री बनाया गया। गुजरात दंगों को लेकर आरोपों से घिरे। लेकिन, गुजरात के विकास मॉडल को बेस बनाकर केंद्र की राजनीति में आए और 2014 में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के तौर पर पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी पार्टी यानी भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई। 2019 में पहले से बेहतर प्रदर्शन के साथ सत्ता में लौटे।

हैदराबाद के विलय के 72 साल

सरदार पटेल और हैदराबाद के निजाम की तस्वीर।

1947 में भारत के आजाद होने के बाद भी कुछ रियासतें विलय के लिए तैयार नहीं थीं। उनमें प्रमुख थी- हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान की सल्तनत। वो पाकिस्तान के साथ जाने का मन बना चुके थे। लेकिन, यह कैसे संभव था। हैदराबाद की परिस्थिति ऐसी है कि यह मुश्किल था।

तब देश के उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने पुलिस एक्शन के नाम पर सैन्य कार्रवाई की। 13 सितंबर 1948 को यह पुलिस एक्शन शुरू हुआ और इसे नाम दिया गया ऑपरेशन पोलो। 17 सितंबर की शाम तक हैदराबाद के निजाम ने बात मान ली और विलय के लिए राजी हो गए।

नौ साल पहले 'वॉल स्ट्रीट पर कब्जा करो' आंदोलन

“वॉल स्ट्रीट पर कब्जा करो” आंदोलन की तस्वीर।

नौ साल पहले ऑक्युपाई वॉल स्ट्रीट आंदोलन शुरू हुआ था। पूंजीवाद के विरोध में यह आंदोलन 2011 में न्यूयॉर्क के जुकोट्टी पार्क से शुरू हुआ। धीरे-धीरे यूरोप के देशों से होता हुआ दुनिया के 82 देशों में यह आंदोलन पहुंच गया था। आंदोलन करने वाले ज्यादातर बेरोजगार लोग थे, जिनका रोजगार 2008 की वैश्विक मंदी ने छीन लिया था। यूरोप के कुछ देशों में कर्ज का संकट गहरा गया था।

आज का इतिहास इन घटनाओं के बिना अधूरा है...

  • 1949ः दक्षिण भारतीय राजनीतिक दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की स्थापना।
  • 1974ः बांग्लादेश, ग्रेनेडा और गिनी बिसाऊ संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल।
  • 1982ः भारत और सिलोन (श्रीलंका) के बीच पहला क्रिकेट टेस्ट मैच खेला गया।
  • 1995ः हॉन्गकॉन्ग का शासन चीन को सौंपने से पहले ब्रिटिशर्स ने वहां पहली बार लेजिस्लेटिव काउंसिल के चुनाव कराए थे।
  • 1956ः भारतीय तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग का गठन।
  • 1957ः मलेशिया संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ।
  • 1999ः ओसामा बिन लादेन का भारत के विरुद्ध जेहाद का ऐलान।
  • 2000ः जाफना प्रायद्वीप का चवाक छेड़ी शहर लिट्टे से मुक्त।
  • 2002ः इराक ने संयुक्त राष्ट्र हथियार निरीक्षकों को बिना शर्त देश में आने की इजाजत दी।
  • 2004ः यूरोपीय संसद ने मालदीव पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया।
  • 2009ः केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने 123 भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के नाम वेबसाइट पर जारी किए।
  • 2017ः कोरिया ओपन सुपर सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं पीवी सिंधु।

प्रमुख हस्तियों के जन्मदिन

  • पेरियार ईवी रामास्वामी (1879), समाज सुधारक, तमिल राजनेता
  • प्रबोधनकार ठाकरे (1885), लेखक, राजनेता
  • एमएफ हुसैन (1915), पेंटर
  • रविचंद्रन अश्विन (1985), क्रिकेटर


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