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21 में से 17 प्रोजेक्ट पूरे, पटेल की प्रतिमा के हावभाव के लिए 2 हजार से ज्यादा तस्वीरों पर रिसर्च हुई https://ift.tt/3oIkRsb

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' के निर्माण का काम सिर्फ 33 महीनों में हो गया था। सरदार पटेल की यह प्रतिमा (182 मीटर) दुनिया में सबसे ऊंची है। 2010 में मोदी ने बतौर मुख्यमंत्री इसे स्थापित करने का ऐलान किया था। 2013 में प्रतिमा के निर्माण का काम शुरू हुआ था।

काम कितना अहम था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटेल की प्रतिमा के हावभाव तय करने के लिए 2 हजार से ज्यादा तस्वीरों पर रिसर्च की गई थी।स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से जुड़े 21 प्रोजेक्ट शुरू किए गए थे। इनमें से 17 अब तक पूरे हो चुके हैं।

हालांकि, इनमें से 2 में काम बाकी है और 2 की जानकारी नहीं मिल सकी है। 13 का लेखा-जोखा है। सरदार पटेल की प्रतिमा विश्व प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार ने डिजाइन की, निर्माण लार्सन एंड टुब्रो कंपनी ने किया। जानिए, क्या है जो 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' को खास बनाता है...

109 टन लोहे का इस्तेमाल किया गया

इस प्रतिमा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए देश भर के पांच लाख से अधिक किसानों के पास से 135 मीट्रिक टन खेती-किसानी के पुराने औजार दान में लिए गए, जिन्हें गलाकर 109 टन लोहा तैयार किया गया। इसी लोहे का उपयोग इस प्रतिमा में किया गया है।

2010 में मोदी ने की थी घोषणा

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के सीएम थे, तब 7 अक्टूबर 2010 को अहमदाबाद में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस स्मारक के निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद 31 अक्टूबर 2013 से प्रतिमा का निर्माण शुरू हुआ, जो पांच साल बाद यानी कि 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल की 143वीं जयंती पर पूरा हुआ। प्रतिमा का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने किया।

2.10 लाख क्यूबिक मीटर कन्क्रीट लगा

इस प्रतिमा की लागत 2989 करोड़ रुपए आई। मूर्ति में 2.10 लाख क्यूबिक मीटर सीमेंट-कन्क्रीट और 2000 टन कांसे का उपयोग हुआ है। 6 हजार 500 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 18 हजार 500 टन सरियों का इस्तेमाल किया गया है। यह 12 किमी इलाके में बनाए गए तालाब से घिरी है।

मूर्तिकार राम सुतार ने डिजाइन तैयार किया

'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' की ओरिजनल डिजाइन महाराष्ट्र के राम सुतार ने तैयार की है। 93 साल के सुतार देश के सबसे वरिष्ठ मूर्तिकार हैं। उन्होंने छत्रपति शिवाजी का स्टेच्यू भी डिजाइन किया है। शिवाजी का यह स्टेच्यू मुंबई के समुद्र में कृत्रिम टापू पर स्थापित किया जाना है।

राम सुतार ने इन महान लोगों की मूर्तियां भी बनाईं

राम सुतार ने मिनिमम 18 फीट ऊंची मूर्तियां तैयार कीं। इनमें सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद, महाराजा रणजीत सिंह, शहीद भगतसिंह, जयप्रकाश नारायण की मूर्तियां बनाई जा चुकी हैं। उनकी बनाई गांधीजी की मूर्तियां फ्रांस, इटली, अर्जेंटीना, रूस, इंग्लैंड, जर्मनी, मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी स्थापित की गई हैं।

अमेरिकी इतिहासकार ने बताया था कैसी होनी चाहिए पटेल की मूर्ति

राम सुतार के बेटे अनिल सुतार ने बताया कि एक अमेरिकी इतिहासकार को सरदार पटेल के नेचर, पहनावे और उनकी पर्सनैलिटी के बारे में अध्ययन करने को कहा गया था। ताकि पता चल सके कि मूर्ति को किस हाव-भाव में तैयार किया जाना है।

इन इतिहासकार ने तमाम मूर्तियां और फोटोज देखीं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सरदार पटेल का जो स्टेच्यू अहमदाबाद एयरपोर्ट पर है, उसमें सरदार का स्वभाव और वेशभूषा हू-ब-हू नजर आती है। इसलिए 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' भी उसी डिजाइन की होनी चाहिए।

क्यों खास है 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी'

  • प्रतिमा 6.5 तीव्रता के भूकंप के झटके और 220 किमी की स्पीड के तूफान का भी सामना कर सकती है।
  • प्रतिमा के निर्माण में 85% तांबे का उपयोग होने से हजारों साल तक इमसें जंग नहीं लग सकती।
  • प्रतिमा की गैलरी में खड़े होकर एक बार में 40 लोग सरदार सरोवर डैम, विंध्य पर्वत के दर्शन कर सकते हैं।
  • स्टेच्यू में दो हाई-स्पीड लिफ्ट लगाई गई हैं। जो पर्यटकों को सरदार पटेल की मूर्ति के सीने के हिस्से में बनी व्यूइंग गैलरी तक ले जाती हैं। इस गैलरी में एक साथ 200 लोग खड़े रह सकते हैं।
  • स्टेच्यू ऑफ यूनिटी सिर्फ 33 महीनों में तैयार की गई है, जो एक रिकॉर्ड है। जबकि चीन के स्प्रिंग टेंपल में बुद्ध की प्रतिमा के निर्माण में 11 साल लगे थे।
  • स्टेच्यू की डिजाइन में इस बात का खास ध्यान रखा गया कि उसमें हू-ब-हू सरदार पटेल के हावभाव नजर आएं। इसके लिए सरदार पटेल की 2000 से ज्यादा फोटो पर रिसर्च की गई।

यूनिटी के आसपास के अन्य दर्शनीय स्थल

  • विश्व वन: यहां सभी सात खंडों की औषधि वनस्पति, पौधे और वृक्ष हैं, जो अनेकता में एकता के भाव को साकार करते नजर आते हैं।
  • एकता नर्सरी: इसे बनाने का मकसद है कि जब भी पर्यटक यहां आएं तो वे नर्सरी से 'प्लांट ऑफ यूनिटी' के नाम से एक पौधा जरूर ले जाएं। शुरुआती चरण में यहां एक लाख पौधे रोपे गए हैं, जिनमें से 30 हजार पौधे बेचने के लिए तैयार हो चुके हैं।
  • बटरफ्लाई गार्डन: 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' में पर्यटक कुदरत की सुंदर और रंग-बिरंगी रचनाएं भी देख सकें, इसके लिए इस बटरफ्लाई गार्डन का निर्माण किया गया है। करीब छह एकड़ में फैले इस विशाल बगीचे में 45 प्रजातियों की तितलियां हैं।
  • एकता ऑडिटोरियम: करीब 1700 वर्ग मीटर में फैला यह एक कम्युनिटी हॉल है। यहां संगीत, नृत्य, नाटक, कार्यशाला जैसे सभी सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।
  • रिवर राफ्टिंग: रिवर राफ्टिंग एक एडवेंचर गेम है। यहां साहसिक खिलाड़ी कई तरह के एडवेंचर गेम का लुत्फ उठा सकेंगे।


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After research on more than 2000 photographs, the facial expression of the Statue of Unity was decided


from Dainik Bhaskar /national/news/making-of-sardar-vallabhbhai-patel-statue-of-unity-127864344.html

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