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ट्रम्प की जीत की तस्वीर फिलहाल धुंधली, उन्हें और ताकत दिखानी होगी; 63% लोगों ने कहा- प्रेसिडेंट कोरोना से निपटने में गैर-जिम्मेदार दिखे https://ift.tt/3jTilN9

(एनी कर्नी और एस्टीड डब्ल्यू हर्नडन) बिडेन कैंपेन ने इस साल अब तक प्रचार पर 500 मिलियन डॉलर (करीब 3665 करोड़ रु.) खर्च किए हैं। पिछले महीने बिडेन कैंपेन ने टेलीविजन और रेडियो पर 40.3 मिलियन डॉलर (करीब 295 करोड़ रु.) खर्च किए। वहीं, एड ट्रैकिंग फर्म एडवर्टाइजिंग एनेलेटिक के मुताबिक, ट्रम्प कैंपेन ने 23.3 मिलियन डॉलर (करीब 170 करोड़ रु.) खर्च किए हैं। यह पिछले हफ्ते उनकी ओर से प्रचार पर खर्च की गई रकम से थोड़ा ज्यादा है। ट्रम्प कैंपेन ने बीते हफ्ते फेसबुक के जरिए प्रचार पर 5.2 मिलियन (करीब 38 करोड़ रु.) और बिडेन ने 5.9 मिलियन डॉलर (करीब 43 करोड़ रु.) खर्च किए।
इस हफ्ते हुए पोल्स में ट्रम्प की जीत की तस्वीर धुंधली नजर आ रही है। यह स्पष्ट हो गया है कि कोरोना पॉजिटिव होने पर उन्हें कोई सहानुभूति नहीं मिलने वाली है। सीएनएन के पोल में उन्हें जो बिडेन से 16 प्वाइंट से पीछे दिखाया जा रहा है। सीएनएन के सर्वे में इस साल अब तक ट्रम्प के बारे में इतना बुरा पोल नहीं आया है।

ट्रम्प के बारे में क्या कहते हैं पोल्स

सीएनएन का पोल ट्रम्प के वायरस की जांच होने के बाद किया गया। इसमें 63% अमेरिकियों ने कहा कि वे सोचते हैं कि ट्रम्प ने गैर जिम्मेदारी से काम या है। उन्होंने अपने आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा और संक्रमण के खतरे को नजरअंदाज किया। न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना कॉलेज के पोल में भी ट्रम्प पिछड़ते नजर आ रहे हैं। इस दोनों पोल में ट्रम्प नेवादा में बिडेन से 6 प्वाइंट से पीछे हैं। चार साल पहले ट्रम्प ने ओहियो से जीत हासिल की थी, लेकिन पोल में यहां भी वह बिडेन से 1 प्वाइंट से पिछड़े नजर आ रहे हैं।

ट्रम्प के बर्ताव से वोटर्स उनसे दूर हुए

चुनाव में तीन हफ्ते से भी कम का समय बाकी रह गया है। कई राज्यों में यह शुरू भी हो चुकी है। ऐसे में देश भर में ट्रम्प का समर्थन उनके विरोधियों के मुकाबले काफी कम हो रहा है। उनके बर्ताव की वजह से महिलाएं, बुजुर्ग और कस्बों में रहने वाले वोटर्स उनसे दूर हो रहे हैं। इन सबके बीच कोरोनावायरस की वजह से अस्पताल में भर्ती होकर वापस लौटे ट्रम्प दोबारा प्रचार करने के लिए बेताब हैं। उन्होंने शनिवार को डॉक्टर्स से नोट भी हासिल भी कर लिया है, जिसमें कहा गया है कि ट्रम्प लोगों के बीच जा सकते हैं। उनसे संक्रमण नहीं फैलेगा।

व्हाइट हाउस में कार्यक्रम करने की योजना बना रहे ट्रम्प

ट्रम्प व्हाइट हाउस के साउथ लॉन पर हजारों लोगों की मेजबानी करने की योजना बना रहे हैं। यह कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उनका पहला इन-पर्सन इवेंट होगा। वह दिखाने के लिए बेचैन हैं कि जब उनके सेहत की बात हो तो चिंता करने की कोई वजह नहीं है। वे बताना चाहते हैं कि चाहे मेडिकल वजह ही क्यों न हो, उन्हें नहीं रोका जा सकता। डिबेट कमीशन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 15 अक्टूबर को वर्चुअल डिबेट कराने का फैसला किया था। हालांकि, ट्रम्प के इसमें शामिल होने से इनकार करने के बाद अब यह कैंसिल कर दिया गया है।

कैंपेन में वापसी से ट्रम्प को फायदा नहीं

ट्रम्प के साथ दिक्कत है कि अगर वे निजी तौर पर कैंपेन में वापसी करते भी हैं तो जरूरी नहीं कि यह उनके राजनीतिक तौर पर फायदेमंद हो। उन्होंने दो हफ्ते पहले पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन के साथ डिबेट की थी। इसमें वह बिडेन को बीच में टोकते रहे, उनका अंदाज भी काफी हमलावर थे। हालांकि, फोकस ग्रुप के मुताबिक, अपनी इस डिबेट से उन्होंने अनडिसाइडेड वोटर्स ( ऐसे वोटर्स जो न तो रिपब्लिकन के सपोर्ट में और नही डेमोक्रेटिक के) को खुद से दूर करने का काम किया।

ट्रम्प ने सबकुछ ठीक दिखाने की कोशिश की

ट्रम्प ने गुरुवार को फोन से दो इंटरव्यू दिए। उन्होंने इनमें अपने समर्थकों को यह जताने की कोशिश की सबकुछ ठीक है। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाए। हालांकि जब गुरुवार की रात सीन हैनिटी के शो में बातचीत की तो उनकी आवाज भारी थी। इसके साथ ही शुक्रवार को उन्होंने राइट विंग के समर्थक माने जाने रेडियो होस्ट रश लिम्बॉग से बातचीत की। इस शो में भी उन्होंने जल्द सेशन खत्म कर दिया।

ट्रम्प कैंप के साथ कैश फ्लो से जुड़ी दिक्कतें

ट्रम्प का कैंपेन सिर्फ टीवी विज्ञापन खरीदने का पैमाना बनकर रह गया है। हालांकि, अब ट्रम्प कैंपेन टीवी विज्ञापनों पर होने वाले खर्च में कटौती कर रहा है, क्योंकि इसे कैश फ्लो से जुड़े मुद्दों का सामना कर रहा है। इसके साथ ही यह राष्ट्रपति को लेकर व्हाइट हाउस के फैसले का इंतजार कर रहा है। कैंपेन इस इंतजार में है कि कब ट्रम्प वापस लौटेंगे और चुनाव प्रचार शुरू करेंगे। इसी बीच, ऐसा भी कहा जा रहा है कि ट्रम्प ने 10 दिन तक लोगों से दूर रहने के बाद नया शेड्यूल तैयार करने को कहा है।
पेंस ने ट्रम्प की छवि सुधारने की कोशिश की।
वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट ने माइक पेंस ने ट्रम्प की छवि सुधारने की कोशिश की। डेमोक्रेटिक पार्टी की वाइस प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट ने पेंस से ट्रम्प की नीतियों का बचाव करने को कहा। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वे ट्रम्प को उस नजरिए से न देखें जैसे बहुत सारे अमेरिकन देखते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प पे वायरस को गंभीरता से लिया है। हालांकि, वह इलेक्टोरल प्रोसेस पर ट्रम्प की ओर से उठाए गए सवालों को नजरअंदाज करते नजर आए। इसके साथ ही व्हाइट सुपरमेसी जैसे मुद्दों पर भी कुछ नहीं किया।



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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प बीते शनिवार को अस्पताल से वापस लौटने के बाद व्हाइट हाउस की बाल्कनी से अपने समर्थकों का अभिवादन करते हुए।- फाइल फोटो


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