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किसान बोले- आज सरकार से अलग-अलग नहीं, एक साथ मिलेंगे; इससे पहले शाह और अमरिंदर बात करेंगे https://ift.tt/3g9N3Aw

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का आज आठवां और अहम दिन है। आज किसानों और सरकार के बीच फिर बातचीत होगी। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मीटिंग होगी। बुधवार शाम अचानक यह फैसला हुआ। पंजाब CMO के मुताबिक मुख्यमंत्री कई सुझाव देंगे ताकि गतिरोध खत्म किया जा सके।

एक दिसंबर को सरकार ने पंजाब और UP के किसानों से अलग-अलग बात की थी। यह बैठक बेनतीजा रही थी। किसान नेता आरोप लगा रहे हैं कि सरकार समाधान की जगह साजिश रच रही है। वह किसानों से अलग-अलग बैठक कर उन्हें बांटना चाहती है। किसानों ने फैसला लिया कि सरकार से अब अलग-अलग नहीं, एक साथ मीटिंग करेंगे।

शाह और कैप्टन की मुलाकात के मायने

  • आंदोलन में सबसे ज्यादा पंजाब के किसान हैं, कैप्टन अहम रोल निभा सकते हैं।
  • आंदोलन से सबसे ज्यादा नुकसान लोगों का हो रहा। मीटिंग से जल्द बीच का रास्ता निकालने की कोशिश होगी।
  • कैप्टन बता सकते हैं कि किसान क्या चाहते हैं और केंद्र को गतिरोध खत्म करने के लिए क्या करना चाहिए।

किसानों ने आपत्तियों का 10 पेज का डॉक्यूमेंट तैयार किया
किसानों की सरकार से आज चौथी और दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन शुरू करने के बाद दूसरी बातचीत होगी। इस मीटिंग के लिए सरकार और किसान बुधवार को दिनभर स्ट्रैटजी बनाते रहे। किसानों ने 5 बार और सरकार ने 2 बार बैठकें कीं। किसानों ने कृषि कानूनों में आपत्तियों का 10 पेज का डॉक्यूमेंट तैयार किया है।

आज की मीटिंग में ये 5 प्रमुख मांगें रहेंगी

  • केंद्रीय कृषि कानूनों को तुरंत रद्द किया जाए।
  • केंद्र की कमेटी की पेशकश मंजूर नहीं की जाएगी।
  • MSP हमेशा लागू रहे। 21 फसलों को इसका फायदा मिले।
  • अभी तक किसानों को गेहूं, धान और कपास पर ही MSP मिलती है।
  • खुदकुशी करने वाले किसानों के परिवारों को केंद्र से आर्थिक मदद मिले।

उधर, कुंडली बॉर्डर पहुंचे UP के किसान नेता राकेश टिकैत ने भी बुधवार को पंजाब के संगठनों से बैठक की। वहीं क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार कानूनों को खत्म करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाए। उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर को देशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे।

आगे की रणनीति

  • किसान नेता आज सरकार से बात करेंगे और देशभर में कानूनों के विरोध में ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
  • 5 दिसंबर को देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अंबानी और अडानी के पुतले फूंके जाएंगे।
  • 7 दिसंबर को देशभर में खिलाड़ी और कलाकार अवॉर्ड और सम्मान लौटाएंगे।

कोई आंदोलन खराब न करे, इसलिए लाठियां लिए यूथ ब्रिगेड तैनात
किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन में कहीं बाहरी लोग खलल न डाल दें, इसको लेकर संगठनों में चिंता बनी हुई है। इसके लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। सुरक्षा के लिए आसपास करीब 100 नौजवान किसान लाठियां लिए और गले में आईकार्ड डाले तैनात रहते हैं। किसी को भी अनुशासन भंग नहीं करने दिया जाता।

सुबह स्टेज की कार्यवाही शुरू होते ही नौजवान वॉलंटियर्स को पहरे पर लगा दिया जाता है, जो यह तय करते हैं कि स्टेज या आसपास कोई गलत तत्व या हुल्लड़बाज न पहुंच पाए। स्टेज पर किसी के लिए कोई कुर्सी नहीं रखी गई। किसे स्टेज पर बोलना है, कितना समय बोलना है, यह भी जॉइंट कमेटी तय करती है। बाहर से आए धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के नुमाइंदों या कलाकारों को स्टेज पर बोलने का फैसला भी कमेटी करती है। 30 किसान यूनियनों के नुमाइंदों को दिन में एक-एक घंटा संबोधित करने के लिए दिया जाता है। आंदोलन पूरी प्लानिंग के साथ किया जा रहा है।



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सरकार से मीटिंग की स्ट्रैटजी बनाने के लिए किसानों ने बुधवार को 5 बैठकें कीं। फोटो सिंघु बॉर्डर पर जमा किसानों की है।


from Dainik Bhaskar /national/news/farmers-protest-kisan-andolan-delhi-burari-live-updates-haryana-punjab-delhi-chalo-march-latest-news-today-3-december-127974415.html

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