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एक्सपर्ट पैनल की सिफारिश के बाद कोवीशील्ड और कोवैक्सिन को आज मिल सकती है मंजूरी; DCGI ने 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई https://ift.tt/3bfqw4X

आज कोरोना वैक्सीन को लेकर सबसे बड़ी और अच्छी खबर आ सकती है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इसमें कोरोना की वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने का ऐलान किया जा सकता है। DCGI के पास इस वक्त भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड को इमरजेंसी यूज के लिए सशर्त मंजूरी देने की सिफारिश है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) के एक्सपर्ट पैनल ने यह सिफारिश पिछले दो दिनों में की है।

इसी हफ्ते शुरू हो सकता है वैक्सीनेशन
कोरोना पर बनी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने शनिवार को भारत बायोटेक की कोवैक्सिन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए सशर्त मंजूरी देने की सिफारिश कर दी थी। इसके पहले शुक्रवार को सीरम इंस्टिट्यूट की कोवीशील्ड को भी इसी तरह की मंजूरी दने की सिफारिश की गई थी। अगर आज दोनों या फिर दोनों में से किसी एक को भी DCGI की तरफ से मंजूरी मिल जाएगी तो उम्मीद जताई जा रही है कि इसी हफ्ते से वैक्सीनेशन ड्राइव भी शुरू हो जाएगा। तैयारियों को परखने के लिए पूरे देश में इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राई रन भी शुरू हो चुका है।

कोवैक्सिन की क्या है खासियत ?

  • कोवैक्सिन के फेज-2 क्लीनिकल ट्रायल्स के नतीजे 23 दिसंबर को सामने आए थे। ट्रायल्स 380 सेहतमंद बच्चों और वयस्कों पर किए गए।
  • 3 माइक्रोग्राम और 6 माइक्रोग्राम के दो फॉर्मूले तय किए गए। दो ग्रुप्स बनाए गए। उन्हें दो डोज चार हफ्तों के अंतर से लगाए गए।
  • फेज-2 ट्रायल्स में कोवैक्सिन ने हाई लेवल एंटीबॉडी प्रोड्यूस की। दूसरे वैक्सीनेशन के 3 महीने बाद भी सभी वॉलंटियर्स में एंटीबॉडी की संख्या बढ़ी हुई दिखी।
  • ट्रायल के नतीजों के आधार पर कंपनी का दावा है कि कोवैक्सिन की वजह से शरीर में बनी एंटीबॉडी 6 से 12 महीने तक कायम रहती है।
  • एंटीबॉडी यानी शरीर में मौजूद वह प्रोटीन, जो वायरस, बैक्टीरिया, फंगी और पैरासाइट्स के हमले को बेअसर कर देता है।
  • कंपनी का दावा है कि फेज-3 के लिए देशभर में सबसे ज्यादा 23 हजार वॉलंटियर्स पर ट्रायल हुआ।

कोवीशील्ड की क्या है खासियत?

  • कोवीशील्ड के क्लिनिकल ट्रायल्स के एनालिसिस से बहुत अच्छे नतीजे सामने आए हैं। वॉलेंटियर्स को पहले हॉफ डोज दिया और फिर फुल डोज। किसी को भी हेल्थ से जुड़ी कोई गंभीर समस्या देखने को नहीं मिली है।
  • जब हॉफ डोज दिया गया तो इफिकेसी 90% मिली। एक महीने बाद उसे पूरा फुल डोज दिया गया। जब दोनों फुल डोज दिए गए तो इफिकेसी 62% रही।
  • दोनों ही तरह के डोज में औसत इफिकेसी 70% रही। सभी नतीजे आंकड़ों के लिहाज से खास हैं। इफिकेसी जानने के लिए वैक्सीन लगाने के एक साल बाद तक वॉलेंटियर्स के ब्लड सैम्पल और इम्युनोजेनिसिटी टेस्ट किए जाएंगे। इंफेक्शन की जांच के लिए हर हफ्ते सैम्पल लिए जा रहे हैं।
  • कोवीशील्ड अन्य वैक्सीन के मुकाबले सस्ती भी है।

फाइजर को छोड़कर दोनों वैक्सीन को एक्सपर्ट पैनल ने मंजूर किया
भारत में तीन फार्मा कंपनियों ने कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूवल मांगा था। एक्सपर्ट पैनल ने इनमें से कोवीशील्ड और कोवैक्सीन को सशर्त मंजूरी दे दी, जबकि अमेरिकन फार्मा कंपनी फाइजर की ओर से बनाई गई वैक्सीन से और डेटा मांगा गया है। इसे WHO ने पूरी दुनिया में इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूवल दिया है।

वहीं, कोवीशील्ड या AZD1222 को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर बनाया है। अदार पूनावाला का सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) इसके भारत में ट्रायल्स कर रहा है। 1 जनवरी को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने इसे मंजूरी देने की सिफारिश की। कोवैक्सिन स्वदेशी है। इसे हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के साथ मिलकर बनाया है।

3 करोड़ लोगों को फ्री में लगाई जाएगी वैक्सीन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पहले कहा कि कोरोना वैक्सीन पूरे देश में फ्री होगी। फिर डेढ़ घंटे बाद बोले कि पहले फेज में यह 3 करोड़ लोगों के लिए फ्री मिलेगी। इनमें 1 करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स और 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, वैक्सीनेशन करने वाली टीम में 5 सदस्य होंगे।

इन देशों में इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिली

  • अमेरिका में फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन को इमरजेंसी यूज का अप्रूवल मिल चुका है।
  • ब्रिटेन ने फाइजर और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को मंजूरी दी है। यहां वैक्सीनेशन चल रहा है।
  • चीन ने हाल में स्वदेशी कंपनी सिनोफार्म की वैक्सीन को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है।
  • रूस में भी स्वदेशी वैक्सीन स्पूतनिक V के जरिए मास वैक्सीनेशन शुरू किया जा चुका है।
  • कनाडा ने फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन को मंजूरी दी है।


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फोटो मुंबई की है। यहां शनिवार को हुए वैक्सीनेशन ड्राई रन में डीप फ्रीजर से वैक्सीन निकालते हेल्थ स्टाफ।


from Dainik Bhaskar /national/news/covishield-and-covaxin-get-approval-after-recommendation-of-expert-panel-dcgi-convenes-press-conference-at-11-am-128082342.html

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